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मृतक का बैंक में जमा पैसा कैसे जानें?

आर्थिक नीतियों के बदलाव के पश्चात बैंकिंग प्रणाली कहीं ना कहीं हमारे लिए अति आवश्यक हो गई है। इसी बैंकिंग प्रणाली को लेकर तब कई सारे प्रश्न दिमाक में उठते हैं जब किसी खाता धारक की मृत्यु हो जाती है। जैसे मृत्यु के पश्चात बैंक खाते का क्या होता है ? क्या पैसा बैंक का हो जाता है? क्या बैंक उस पैसे को व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य को दे देता है? या फिर उसको किसी फंड में जमा कर दिया जाता है? दरअसल यह पैसा उसी अकाउंट में पड़ा रहता है और एक लंबे समय अंतराल के पश्चात ऐसे अकाउंट को निष्क्रिय घोषित कर दिया जाता है। कुछ दिन पहले भारतीय रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट सामने आई जिसके अनुसार बैंकों में हजारों करोड़ रुपए ऐसे पड़े हैं जिनका कोई दावेदार ही नहीं है। ऐसा उन स्थितियों में होता है जब किसी खाता धारक की मृत्यु हो जाती है या फिर किसी के बहुत से बैंकों में खाते होते हैं। मौत होने की स्थिति में नॉमिनी पैसों के लिए दावा तो कर सकता है लेकिन कई बार नॉमिनी को खाते के बारे में जानकारी ही नहीं होती है। और यदि जानकारी होती भी है तो कुछ दस्तावेजों की कमी के वजह से भी दावा नहीं हो पाता है।भारतीय रिज...

PNB घोटाला और नीरव वापसी का जुमला

ब्रिटिश राज से जब हम आजाद भारत में प्रवेश हुए तब समानता रूपी अवधारणा प्रमुख थी। इसी अवधारणा को आधार बनाते हुए हमारे संविधान निर्माताओं ने संविधान के भाग तीन में मूल अधिकार के तहत सबको समानता प्रदान करने का प्रयास किया। सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक व कानूनी रूपी समानता की बात राजनेता से लेकर न्यायाधीशों की जुबान पर रहती है। परंतु जमीनी हकीकत में स्थिति अत्यंत भिन्न प्रकार से देखने को मिलती है। जब कोई साधारण व्यक्ति किसी बैंक से लोन लेने का प्रयास करता है तो उसको प्रारंभिक स्थिति से लेकर लोन प्राप्त होने की स्थिति के बाद तक अनेक प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ता है। बैंक मैनेजर से लेकर बैंक के चपरासी तक उस व्यक्ति को निचोड़ने में लग जाते हैं। बमुश्किल ही सही यदि लोन किसी प्रकार पास भी हो गया तो उसके पश्चात व्यक्ति का जीवन दोहरे डर में प्रारंभ हो जाता है। एक डर बैंक के पैसे को लौटाने का, जो व्यक्ति के जगने के साथ-साथ उसके नींद तक में समा जाता है और दूसरा डर व्यक्ति को सामाजिक तौर पर तोड़ने का काम प्रारम्भ कर देता है। डर हो भी क्यों ना क्योंकि 6 महीने के अंदर बैंक के कर्मचारी बीस हजार र...